उत्तर प्रदेश की पंचायतों को सशक्त एवं सक्षम बनाने हेतु नेतृत्व एवं क्षमता विकास कार्यक्रम को लेकर बुधवार को पंचायतीराज विभाग एवं आईआईटी कानपुर के मध्य एमओयू उ0प्र0 के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की उपस्थिति में मुख्य भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में हस्ताक्षरित हुआ। पंचायतीराज विभाग की ओर से निदेशक श्री अमित कुमार सिंह एवं आई.आई.टी कानपुर के प्रो0 डा. तरुण गुप्ता ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर श्री राजभर ने कहा कि पंचायतों को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए नेतृत्व एवं क्षमता विकास के लिए अच्छे ढंग से कार्य किये जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लागत की चिन्ता न किया जाये, काम की चिन्ता करें। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि इस कार्यक्रम में जो प्रशिक्षण दूसरे प्रदेशों में भेज कर कराया जाता था, वह आज हमारे प्रदेश में ही शुरू हो गया है। श्री राजभर ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधी आबादी का भी चयन हो, किसी के साथ भेद-भाव न होने पाय। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज की मन्शा के अनुसार बेहतर से बेहतर कार्य हो, हर अच्छे कार्यां में बाधा आती है किन्तु उस बाधा से ऊपर उठ कर कार्य किया जाये। जो ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अच्छे कार्य किये है। उन्हें सम्मानित भी किया जाये।

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाएं ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में गांवों में सुशासन, समावेशी विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व निभा रही है। विगत कुछ वर्षों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित् करने के लिए पंचायतों को वित्तीय, प्रशासनिक और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किए जा रहें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, पंचायतीराज अनिल कुमार ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका को और प्रभावी बनाने एवं मजबूत करने की आवश्यकता है, जिससे कि तकनीकी ज्ञान एवं उपलब्ध रिसोर्सेज की सहायता से पंचायतें समेकित विकास कर सकें। आज जो एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए है उससे काफी बेहतर कार्य किया जायेगा।

निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से पंचायतों की योजना तैयार करने एवं डिजिटल दक्षता में गुणात्मक सुधार हो सकेगा, पारदर्शी और सहभागी शासन की स्थापना, योजनाओं का समयबद्धता, सतत् और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, राज्य की पंचायतों के बीच सहयोग और सीखने की संस्कृति के विकास के साथ उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पंचायत सशक्तिकरण के मॉडल के रूप में स्थापित हो, ऐसी परिकल्पना की गयी है।

इस कार्यक्रम में आई.आई.टी कानपुर के प्रोफेसर, डीन एवं प्रोफेसर विमल कुमार, उप निदेशक पंचायतीराज मनीष कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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