सीएम योगी ने की 26 जिलों में 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर की शुरुआत

लखनऊ, 3 जुलाई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास से प्रदेश के 26 जिलों में 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में संचालित और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे को प्रदेश की इकॉनमिक ग्रोथ का बैकबोन बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब यूपी में एक साथ 5 एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 13,240 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आईएमएलसी की स्थापना हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के सभी 6 नोड भी एक्सप्रेसवे के किनारे ही विकसित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने आईएमएलसी को नये भारत के नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए सुरक्षा, लैंडबैंक और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर पहली शर्त होती है और उत्तर प्रदेश ने इन सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमएलसी पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को निर्माणाधीन और गतिशील एक्सप्रेसवे की प्रगति की जानकारी दी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।*

*आईएमएलसी से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य…* प्रदेश में 5 एक्सप्रेसवे के किनारे 27 क्लस्टर्स के रूप में कुल 13,240 एकड़ में इंडस्ट्रियल नोड्स की स्थापना होगी। * इसमें से 9,864 एकड़ क्षेत्र को पहले ही प्राधिकरण द्वारा अर्जित किया जा चुका है जबकि 3376 एकड़ क्षेत्र की अधिग्रहण की कार्रवाई को भी जल्द पूरा किया जाएगा। * इन सभी नोड्स में क्षेत्रफल के लिहाज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे वाला नोड सबसे बड़ा है, गंगा एक्सप्रेसवे वाला नोड सबसे ज्यादा जिलों में विस्तृत है जबकि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे नोड सबसे छोटा है (क्षेत्रफल और जिलों के आधार पर)।

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