*लखनऊ, 26 सितंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है, जो राज्य के आर्थिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेंगे।*2025-26 के लिए धान क्रय नीति की घोषणा*कृषि क्षेत्र को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद की जाएगी। गत वर्ष कॉमन धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस वर्ष बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार, ग्रेड ए धान के लिए पिछले वर्ष 2330 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कुल 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 3100 क्रय केंद्र कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनकी संख्या बढ़ाकर 700 अतिरिक्त केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। खन्ना ने स्पष्ट किया कि सभी क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और किसानों की अन्य सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।*खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर*बैठक में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने वाले फैसलों पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास तृतीय संशोधन नियमावली 2025 को मंत्रिपरिषद ने अपना अनुमोदन दे दिया है। इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संशोधन के तहत जिला खनिज फाउंडेशन निधि (डीएमएफ) का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास में किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि यह कदम खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा।*सामाजिक कल्याण* के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को दो नि:शुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।*न्यायिक क्षेत्र* में भी राहत मिली है। मा. उच्चतम न्यायालय में दायर अपील ‘प्रेमलता बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ पर फैसले के अनुपालन में मृतक आश्रित योजना को संशोधित किया गया है। अब मृतक कर्मचारी के आश्रित को उसी कैडर में नौकरी का अवसर मिलेगा, सिवाय लोक सेवा आयोग की परिधि में आने वाले पदों के।*नये लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी*बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक लिंक एक्सप्रेसवे (ग्रीनफील्ड) के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह 90 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे इटावा से शुरू होकर फर्रुखाबाद के रास्ते हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। परियोजना की अनुमानित लागत 7488.74 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य 548 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है, और निर्माण करने वाली संस्था को 5 वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह परियोजना यातायात को सुगम बनाएगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।*नये शहर प्रोत्साहन के लिए 970 करोड़ रुपए की मिलेगी पहली किस्त* शहरी विकास को प्रोत्साहन देने वाली मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 1832.51 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, जिसमें से 970 करोड़ रुपये की पहली किस्त रामपुर, अयोध्या, लखनऊ, बागपत और बड़ौत जैसे नये शहरों के लिए सीड कैपिटल के रूप में जारी की जाएगी। इससे इन शहरों का समुचित विकास सुनिश्चित होगा।*संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना*रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को भी मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित कर दिया है। प्रत्येक पार्क के लिए 50 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी, जिससे प्रति पार्क 1500 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। यह योजना टेक्सटाइल उद्योग को मजबूत बनाएगी।

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