डॉक्टर चंद्र मोहन नौटियाल तथा आकाशवाणी समाचार लखनऊ के प्रमुख सूरज तिवारी को ‘प्रेरक सम्मान’

लखनऊ 5 जनवरी, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में समाजसेवी शिक्षाविद् एवं पत्रकार पंडित जगदीश नारायण मिश्र की 22वीं पुण्यतिथि के अवसर पर “आदि नगरी लखनपुरी” विषयक व्याख्यान और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मीडिया व सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान करने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिक और विज्ञान संचारक डॉक्टर चंद्र मोहन नौटियाल तथा क्षेत्रीय समाचार एकांश, आकाशवाणी लखनऊ के प्रमुख सूरज तिवारी को ‘प्रेरक सम्मान 2026’ तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर अभिषेक कुमार मिश्रा और वरिष्ठ मीडिया कर्मी प्रणव अग्निहोत्री को ‘प्रेरक युवा सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया।कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 का टेबल कैलेंडर भी जारी किया गया जिसकी थीम है – राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष का उत्सव। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन जी ने स्वर्गीय मिश्रा से जुड़े संस्मरणों की चर्चा करते हुए, उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरक और दिशा देने वाला बताया।

आदि नगरी लखनपुरी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर अंबिका प्रसाद तिवारी ने कहा कि लखनऊ पौराणिक महत्व का शहर है। उन्होंने विभिन्न तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि शहर के कई भागों में और समीपस्थ क्षेत्र में, लक्ष्मण जी के इस क्षेत्र से जुड़ाव के प्रमाण मिलते हैं। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने स्वर्गीय मिश्र के योगदान को अतुलनीय बताया। साथ ही उन्होंने लखनपुरी पर व्यापक शोध की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व एमएलसी जयप्रकाश चतुर्वेदी ने स्वर्गीय मिश्रा के शैक्षिक क्षेत्र में किए गए योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने गरीब और कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालयों की स्थापना की।

आकाशवाणी लखनऊ की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडे ने कहा कि सम्मान व्यक्ति को कुछ और नया करने की प्रेरणा देता है। वरिष्ठ पत्रकार व पर्यावरण विद् राजेश राय ने स्वर्गीय मिश्र के पत्रकारिता क्षेत्र के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी कलम समाज के लिए सदा प्रखर रही। वरिष्ठ लेखक रामजी भाई ने लक्ष्मण जी से जुड़े प्रसंगों को साझा किया। राष्ट्रीय धर्म प्रशासन के प्रभारी निदेशक सर्वेश चंद द्विवेदी ने कहा कि समाज को सनातन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर काव्य गोष्ठी कभी आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर- श्रीमती ज्योति सिक्का श्री अखिल आनंद श्रीमती शिल्पी वास्तव श्री सुष्मिता त्रिपाठी ने कविता पाठ किया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सहगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन शरद मिश्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संदीप बंसल,राम मनोहर त्रिपाठी,डॉ जगदीश अवस्थी नूतन वशिष्ठ,डॉ अभिषेक,शिव प्रकाश मिश्र, सुशील कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार पाण्डेय,रंजन मिश्र, प्रदीप पांडे, सांत्वना अवस्थी, अविनाश चंद्र शर्मा, पंकज अवस्थी, प्रशांत, कामाक्षी,आशीष, ओशीन,अभिषेक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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