लखनऊ: 10 जनवरी, 2026* पर्यटन दिवस 25 जनवरी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 की घोषणा की है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को सम्मानित करना है, जो संस्कृति, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से पर्यटन को मजबूती दे रहे हैं। इन पुरस्कारों के लिए तीन श्रेणियों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं- बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। प्रत्येक श्रेणी में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल पूरी तरह जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसके तहत गांव, परिवार, किसान और ग्रामीण मेज़बान अपनी सांस्कृतिक विरासत, शिल्प, स्थानीय खानपान, कृषि और प्रकृति से जुड़े प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों को सामने ला सकते हैं। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग में पंजीकृत न होने वाले पात्र हितधारक भी आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।मंत्री ने आगे बताया कि, “उत्तर प्रदेश तेजी से एग्री-रूरल टूरिज्म मॉडल के रूप में उभर रहा है। पर्यटन विभाग के साथ अब तक 800 से अधिक ग्रामीण होमस्टे पंजीकृत हो चुके हैं। हमारा प्रयास है कि और अधिक गांवों, परिवारों और फार्म स्टे संचालकों को इस इकोसिस्टम से जोड़ा जाए। गोरखपुर, अवध और ब्रज जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन के अनुभवों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जहां देश ही नहीं बल्कि श्रीलंका, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से हम उन लोगों को पहचान देना चाहते हैं, जो स्थानीय संस्कृति को सहेज रहे हैं, आजीविका के अवसर बना रहे हैं और सार्थक आतिथ्य प्रदान कर रहे हैं।”मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, “बेस्ट पर्यटन गांव 2026 श्रेणी में गांवों का मूल्यांकन उनकी विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, त्योहारों, विशिष्ट अनुभवों, सामुदायिक भागीदारी, सतत पर्यटन उपायों, पर्यटक सुविधाओं और पर्यटन के लिए समग्र तैयारियों के आधार पर किया जाएगा। बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) श्रेणी में प्रामाणिक ग्रामीण जीवन का अनुभव, अतिथि सुविधा, संचालन में पारदर्शिता और वास्तविक पर्यटक ठहराव को प्रमुख मानदंड बनाया गया है, जबकि बेस्ट फार्म स्टे श्रेणी में कृषि आधारित अनुभव, स्थानीय उत्पाद, प्रकृति से जुड़ाव और पेशेवर ढंग से संचालित ग्रामीण आतिथ्य को महत्व दिया जाएगा।”वहीं प्रमुख सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि, “आज पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक्सपीरियन्शियल टूरिज्म आधारित बन चुका है। ग्रामीण पर्यटन भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। हमारा उद्देश्य है कि पर्यटक ग्रामीण जीवन से जुड़ें, ताकि उनकी यात्रा केवल स्मारकों तक सीमित न रहकर संस्कृति, परंपरा और सादगी से जुड़ा एक सार्थक अनुभव बने।आवेदन ऑनलाइन श्रेणीवार पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे। इच्छुक हितधारक उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *