उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद, पारदर्शिता से उन्नति की ओर
हमारी सरकार में प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट जीरो प्रतिशत हुआ-योगी
लखनऊ, 20 फरवरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026-27 में चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती थीं लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं आता था। हमने न केवल घोषणाएं कि बल्कि उसको धरातल पर उतारा भी है। हमारी सरकार ने प्रदेश के परसेप्शन को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। हमने यूपी के लोगों को ये हौसला दिया है कि वे देश-विदेश में जाकर गर्व के साथ कह सकें कि वह सबसे बड़ी आबादी वाले उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं। आज उत्तर प्रदेश के नागरिक को हर व्यक्ति सम्मान की निगाह से देखता है। आज देश और दुनिया का हर बड़ा उद्योगपति प्रदेश में निवेश करने का इच्छुक है। सबकुछ ट्रांसपैरेंट है, पिक एंड चूज कुछ भी नहीं है।
स्कूल में ड्रॉप आउट रेट जीरो हुआ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में सबकुछ एक नीति के अंतर्गत संचालित हो रहा है। उन्होंने डाटा के महत्व को गिनाते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं को बनाने और उसके क्रियान्वयन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इंसेफ्लाइटिस के खात्मे में डाटा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। स्कूलों में ड्रॉप आउट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में प्राइमरी स्कूलों में यह रेट 6 से 7 प्रतिशत था लेकिन हमने इसको जीरो से लेकर 3 प्रतिशत तक कम करने का काम किया है। आज हम पहले चरण में एक जिले में दो कंपोजिट विद्यालय दे रहे हैं और इसको हम न्याय पंचायत स्तर तक बनाना चाहते हैं। 8000 न्याय पंचायतों में हम 8000 कंपोजिट विद्यालय बनाएंगे। डेढ़ सौ विद्यालय पिछले बजट में दिया था, डेढ़ सौ इस बजट में दिए हैं। 12 से 15 एकड़ क्षेत्रफल में प्री प्राइमरी से लेकर 12 वीं तक के बच्चे एक छत के नीचे पढ़ेंगे। एक ही कैंपस में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास की जानकारी मिलेगी। स्पोर्ट्स की अच्छी फैसलिटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार ने इस बारे में नहीं सोचा था। आप लोग आरोप लगाते हैं कि शिक्षक पढ़ाते नहीं हैं जोकि बेबुनियाद है। आज भी जब हमारे शिक्षक मिलते हैं तो मैं उनको प्रणाम करता हूं। मेरा मानना है कि शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव हम सबके मन में होना चाहिए। हम सभी शिक्षकों को कैशलेस की सुविधा देने जा रहे हैं। इसमें बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के साथ हम शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी जोड़ रहे हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ सभी को
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पेंशन केवल समाजवादी कैडर को मिलती थ। लेकिन हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं। हम सबको समान रूप से देखते हैं। सरकार ने उसी अप्रोच को आगे बढ़ाया।
सीएम ने कहा कि बेटियो के ड्रॉप आउट रेट को कम करने में भी डाटा ने बड़ी भूमिका निभाई। स्टेट डाटा अथॉरिटी के गठन के पीछे यही उद्देश्य था। डाटा सेंटर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में हब बनाने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। हमारा मानना है कि 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता का डाटा सेंटर बने। इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। 4-5 बड़े डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की व्यवस्था प्रारंभ की है। इससे हाइटेक इको सिस्टम का विकास होगा और इसके माध्यम से रोजगार सृजन भी होगा। स्टेट डाटा अथॉरिटी के गठन के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था इस बजट में हमने की है।
रोबोटिक्स का विकास हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भारी भरकम बोझ लोड-अनलोड कर रहा है, तो यह अमानवीय है। इसके लिए रोबोटिक्स की मदद ली जा रही है। ड्रोन के जरिए खेतों में दवा डालने का काम किया जा रहा है। इससे किसानों को पेस्टीसाइड के नुकसान से बचाया जा रहा है। प्रदेश ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू करके काम को आगे बढ़ाया है। रोबोटिक्स मिशन के लॉन्च के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में प्रदेश के नौजवानों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 25 लाख नौजवानों को फ्री में एआई वर्जन उपलब्ध कराने के लिए सरकार कार्य करेगी। रोबोटिक्स, ड्रोन प्रशिक्षण, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग में पारंगत बनाने के लिए सरकार काम करेगी। स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए एआई हब की स्थापना, शिक्षा-स्वास्थ्य-कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए काम करेंगे। एआई के माध्यम से किसानों को मौसम की जानकारी, मिट्टी का स्वास्थ्य विश्लेषण, फसलों पर किसी भी प्रकार के कीड़ों के हमले के पूर्व चेतावनी देने पर काम हो रहा है। इसके माध्यम से ई-कॉमर्स के लिए भी युवाओं को तैयार किया जाएगा।
सिटी इकोनॉमिक जोन पर तेजी से काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण की दिशा में प्रयास कर रही है। सिटी इकोनॉमिक रीजन पर हम काम कर रहे हैं। लखनऊ और उसके अगल-बगल के जिलों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में स्थापित कर रहे हैं जिन्हें सिटी इकोनॉमिक जोन के रूप में डेवलप किया जाएगा। दूसरा जोन काशी से लेकर विंध्याचल तक विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर शामिल हैं। इसको हम इकोनॉमिक जोन बनाकर काम करेंगे। इस बजट में हमने इसके लिए धनराशि की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जन विश्वास सिद्धांत के अनुरूप कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। व्यवसाय की सुगमता हमारी प्राथमिकता है। लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन आसान होगा। इसके लिए एक पेज और एक एफिडेविट की आवश्यकता होगी। कोरोना काल में एमएसएमई के लिए लाइसेंसिंग की प्रक्रिया 1000 दिन में लेने की व्यवस्था की थी। जन विश्वास सिद्दांत को हम 53 विभागों पर लागू करने जा रहे हैं। इसके लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन को नोडल एजेंसी बनाया गया है।