2,500 करोड़ की होगी परियोजना, विश्व बैंक करेगा सहयोग, पूर्वांचल में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावाओडीओपी उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर,
एग्रो प्रोसेसिंग, पॉलीहाउस और नए विनिर्माण को मिलेगा प्रोत्साहन
विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी ने की बैठक, भारत सरकार को भेजी जायेगी परियोजना की प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट
लखनऊ, 22 सितंबर: पूर्वांचल के जनपदों में स्थानीय संसाधनों और आर्थिक संभावनाओं को निवेश, रोजगार, उद्यमिता और निर्यात के अवसरों में बदलने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश इनेबलिंग डिस्ट्रिक्ट लेड इकोनॉमिक ग्रोथ (UP-EDGE) परियोजना शुरू करने जा रही है। विश्व बैंक के सहयोग से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत पूर्वांचल में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ स्थानीय प्रशासन की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विश्व बैंक के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें परियोजना की प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) को भारत सरकार को भेजने सहित इसके विभिन्न प्रस्तावित घटकों पर चर्चा हुई।विश्व बैंक के प्रैक्टिस मैनेजर हून सोह, अर्थशास्त्री प्रमुख एवं राजकोषीय नीति विशेषज्ञ ऑरेलियन क्रूस, वरिष्ठ अर्थशास्त्री विन्सेंट बेलिंगा तथा वरिष्ठ विशेषज्ञ नेहा गुप्ता के साथ हुई बैठक में बताया गया कि यूपी एज परियोजना पूर्वांचल के 28 जनपदों के लिए तैयार की गई है। इसमें बुंदेलखंड के सात जनपदों को भी शामिल किया जा सकता है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना की अवधि पांच वर्ष होगी।बैठक में बताया गया कि पूर्वांचल प्रदेश के करीब 40 प्रतिशत लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि राज्य की जीडीपी में इसका योगदान करीब 27.6 प्रतिशत है। क्षेत्र की प्रति व्यक्ति आय राज्य के औसत से करीब 45 प्रतिशत कम है और लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल कृषि क्षेत्र में है। ऐसे में परियोजना के माध्यम से जनपदवार आवश्यकताओं और स्थानीय संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल में विकास की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और आर्थिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए जनपदवार बड़ी निवेश परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल के विकास में कृषि के साथ विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की भूमिका भी बढ़ानी होगी। स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजार से जोड़कर निर्यात की संभावनाओं का विस्तार किया जा सकता है। ओडीओपी सहित स्थानीय उत्पादों को नई बाजार व्यवस्था से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।परियोजना में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र पर विशेष जोर रहेगा। ओडीओपी उत्पादों को नए डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करते हुए निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम होगा। करीब एक लाख नए उद्यम विकसित करने तथा महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल डिस्ट्रिक्ट जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर विकसित किए जाएंगे। वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और हेल्थ टूरिज्म की संभावनाओं पर काम होगा। कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा करीब 10 हजार पॉलीहाउस विकसित करने का भी प्रस्ताव है। बैठक में स्थानीय प्रशासन की क्षमता बढ़ाने और प्रत्येक जनपद की आवश्यकता एवं उपलब्ध अवसरों के अनुरूप बड़े निवेश प्रस्ताव तैयार करने पर भी जोर दिया गया।