75 जिलों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर तीन दिन चली परीक्षा, फर्जी अभ्यर्थियों और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई

अब तक 12 मुकदमे दर्ज, 9 गिरफ्तार, ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से उजागर हुए फर्जीवाड़े के मामले

लखनऊ, 10 जून। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के 75 जनपदों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी, ई-केवाईसी सत्यापन, बायोमेट्रिक मिलान और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए भर्ती बोर्ड ने नकल, प्रतिरूपण और अफवाह फैलाने के प्रयासों पर प्रभावी अंकुश लगाया।

भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों को आहूत किया गया था। इनमें 19,62,561 पुरुष अभ्यर्थी (67.99 प्रतिशत) तथा 9,24,237 महिला अभ्यर्थी (32.01 प्रतिशत) शामिल थीं। तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 21,92,236 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का सफल आयोजन प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

परीक्षा के दौरान जनपद गौतमबुद्ध नगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी अंकित कुमार पुत्र सत्यदेव निवासी कुटियाना, थाना कोतवाली देहात, जनपद एटा की ई-केवाईसी मिसमैच होने पर जांच की गई। जांच में सामने आया कि वह कूटरचित आधार कार्ड के माध्यम से परीक्षा में शामिल हुआ था। मामले में थाना दादरी, गौतमबुद्ध नगर में 9 जून 2026 को मुकदमा संख्या 255/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।

इसी प्रकार जनपद अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अंकित पुत्र रविंद्र सिंह निवासी तालिबपुर, थाना खुर्जा देहात, जनपद बुलंदशहर को दूसरे अभ्यर्थी लोकेश पुत्र नेत्रपाल के नाम से परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमेट्रिक मिसमैच और दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद थाना क्वार्सी, अलीगढ़ में 9 जून 2026 को मुकदमा संख्या 474/2026 धारा 318(4), 336(2), 336(3), 337, 338, 340(2) भारतीय न्याय संहिता तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4 एवं 13(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

भर्ती बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 9454457951 पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। यूट्यूब पर “Shubham Mittal” नामक चैनल द्वारा परीक्षा को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले में थाना हुसैनगंज, लखनऊ कमिश्नरेट में मुकदमा संख्या 83/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 एवं 292, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4 एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में इंस्टाग्राम यूजर reshami68yadav द्वारा परीक्षा के संबंध में भ्रामक वीडियो प्रसारित करने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 82/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।
इंस्टाग्राम यूजर durgeshsaxena94 एवं आईडी mukti.reem_98 द्वारा परीक्षा संबंधी भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 84/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2008 के अंतर्गत दर्ज किया गया।

वहीं इंस्टाग्राम यूजर Rohit (Oye Hero) एवं आईडी Rohitvlogs_24*7 द्वारा परीक्षा को लेकर भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने पर थाना हुसैनगंज में मुकदमा संख्या 85/2026 धारा 221, 292 भारतीय न्याय संहिता, धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की धारा 4/13(2) के तहत अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही है।

बुधवार को जनपद कानपुर नगर के लालू प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज, माल रोड परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी नागेश कुमार पुत्र राम प्रसाद निवासी गाजीपुर दरगाह, जनपद जौनपुर को संदेह के आधार पर जांच के लिए रोका गया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में उसके द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में सम्मिलित होने की आशंका सामने आई। मामले में विस्तृत पूछताछ कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

भर्ती बोर्ड ने बताया कि उपरोक्त मामलों के अतिरिक्त पिछले दिनों में दर्ज प्रकरणों को मिलाकर परीक्षा से संबंधित अब तक कुल 12 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल 9 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, प्रतिरूपण, दस्तावेजों की कूटरचना अथवा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा कि परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। बोर्ड भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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