लखनऊ, 27 सितम्बर, 2026। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से ज्यादा समय से जारी भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जनपदों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक वर्षाराहत आयुक्त ने बताया कि 25 सितम्बर से 27 सितम्बर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिमी है। इस प्रकार प्रदेश में वर्षा सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 56 जनपदों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत तथा महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

56 जनहानि, 107 पशुहानि एवं 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना

राहत आयुक्त ने बताया कि पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 जनहानि, 107 पशुहानि तथा 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।

इसके अतिरिक्त 46 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है। जनहानि के मामलों में सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 तथा गोरखपुर में 4 जनहानि की सूचना प्राप्त हुई है। घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 तथा बाराबंकी में 5, जबकि सीतापुर एवं लखीमपुर खीरी में 3-3 घायल होने की सूचना है।

पशुहानि के मामलों में हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 पशुहानि की सूचना प्राप्त हुई है।

मकान क्षति के मामलों में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 तथा बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।फील्ड में रहकर राहत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देशराहत आयुक्त ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों एवं आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा उच्च प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन को मौसम के प्रति सतर्क करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जनहानि, घायल व्यक्तियों तथा मकान क्षति के मामलों में नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।फसल क्षति का तत्काल आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देशराहत आयुक्त ने फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सर्वाेच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो, पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवास योजनाओं से लाभान्वित कराने की कार्रवाई की जाए। राहत आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से नियमित रूप से अवगत कराया जाए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरितता, संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव आवश्यक सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए।जल प्रभावित एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचेंराहत आयुक्त ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दलों द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ ही आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जा रही है। आमजन से अपील है कि जल प्रभावित एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। जलभराव, नदियों एवं नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन सहायता हेतु राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *