*अयोध्या, 2 नवम्बर।* दीपोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली और निर्देश दिया कि दिव्य दीपोत्सव को भव्यता के साथ संपन्न कराने में कोई कमी न रह जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अयोध्या आने वाले किसी भी श्रद्धालु, अतिथि या पर्यटक को असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समय से तैयारियां पूरी करें।बैठक में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से दीपोत्सव की तैयारियों की प्रगति पूछी। उन्होंने वीवीआईपी अतिथियों, साधु-संतों और विशिष्ट जनों के आगमन पर उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा। साथ ही देश-विदेश से दर्शन-पूजन और पर्यटन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं तथा अन्य आगंतुकों के लिए सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनने दी जाए।*पेयजल, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर*मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा सहित सभी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों, घाटों और आयोजन स्थलों पर स्वच्छता की निरंतर व्यवस्था रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और आवागमन के प्रबंध प्रभावी बनाए जाएं। संबंधित विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध ढंग से निर्वहन करें और तैयारियों की लगातार निगरानी करें।*घरों व संस्थानों में दीप जलाने की अपील*मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर आयोजन में सहभागिता करें। सभी शैक्षणिक, सामाजिक और अन्य संस्थान भी अपने परिसरों में दीप प्रज्ज्वलित करें, जिससे पूरी अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव की भव्यता केवल आयोजन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें पूरे जनपद की भागीदारी दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर तैयारियों की निगरानी करें। जहां भी कोई कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर कराएं और सभी व्यवस्थाएं समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करें। बैठक में जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।